बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ योजना : Beti Bachao Beti Padhao Yojana

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हमारे देश में हमेशा से ही महिलाओं के अधिकारों को दबाया जाता रहा है। भारत में ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग लड़कियों से ज्यादा लड़कों को महत्व देते हैं। उनका मानना है कि लड़के उनके परिवार को आगे बढ़ाएंगे एवं उनके परिवार के लिए पैसे कमाएंगे, जबकि छोटी बच्चियां उनका केवल दायित्व होती है। इस वजह से उनके परिवार वाले लड़की के जन्म के समय ही उनकी हत्या कर देते हैं, या उनकी छोटी उम्र में ही विवाह कर दिया जाता है। इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए देश की केन्द्रीय सरकार ने एक योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत गरीब परिवारों की बेटियों को बचाकर उन्हें शिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

क्या हैं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का मुख्य उद्देश्य

  • कन्या भ्रूणहत्या को रोकना
  • बेटियों की सुरक्षा
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ना केवल कन्या भ्रूणहत्या को रोकने के लिए अपितु बेटियों की रक्षा के लिए भी शुरू किया गया हैं।आये दिन छेड़-छाड़, बलात्कार जैसे घिनौने अपराध बढ़ रहे हैं इनको नियंत्रित करने हेतु भी अहम् निर्णय लिए गए हैं।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के लिए 100 करोड़ की शुरुवाती राशि की घोषणा की हैं ।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सुविधाएँ

  • बेटी की सुरक्षा : आज महिलायें देश के किसी भी कौने में सुरक्षित नहीं हैं इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाये जा रहे हैं जिसके लिए 50 करोड़ का फंड दिया जायेगा जिसमे मुख्यतः महिलाओं के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी जाएगी।
  • अलर्ट बटन : एक बटन हैं जिसके जरिये संदेश, आवाज संदेश साथ ही इमेजिस के जरिये सुरक्षा हेतु मदद मांगने की सुविधा दी जाएगी।
  • संकट प्रबंधन केंद्र : अगर कोई दुर्घटना हो गई है तो इस स्थिती में उचित कार्यवाही हेतु संकट प्रबंधन केंद्र की सुविधा दी जाएगी।
  • जनता की जागरूकता हेतु प्रयास : सरकार द्वारा योजनायें तो बहुत बनाई एवं लागू की जाती हैं पर जनता उन पर कितना ध्यान देती है इस दिशा में कोई उपयुक्त कार्य नहीं किये जाते इस हेतु कई विज्ञापन, स्लोगन एवम पोस्टर बनाये गए हैं जिसके जरिये बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के प्रति जनता की जागरूकता बढ़े।

योजना के लांच की जानकारी 

1. योजना का नाम बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
2. लांच 22 जनवरी, 2015
3. घोषणा भारत के प्रधानमंत्री द्वारा
4. लक्ष्य लड़के एवं लड़कियों के लिंग अनुपात को संतुलित रखना
5. सोशल मीडिया पर हैशटैग प्रोमोशन # सेल्फी विथ डॉटर
6. ब्रांड एम्बेसडर माधुरी दीक्षित नेने
7. योजना की देखरेख 3 मंत्रालयों (महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और मानव संसाधन विकास मंत्रालय) द्वारा
8. बजट का आवंटन 100 करोड़ रूपये
9. योजना के लिए रणनीति सामाजिक आन्दोलन एवं संचार अभियान
10. लाभार्थी केवल छोटी बच्चियां

योजना की विशेषताएं

  • बेटियों की सुरक्षा एवं शिक्षा के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना :- देश में लड़कियों का अनुपात कम होता जा रहा है। छोटी बच्चियों की सुरक्षा के लिए और उनके परिवार वालों को उन्हें शिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करने का यह एक मजबूत प्रयास है। इस योजना में लिंग बराबरी, छोटी बच्चियों की सुरक्षा और उन्हें स्वास्थ्य सम्बंधित सहायता प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करने पर फोकस किया जाता है।
  • सुकन्या समृद्धि खाता :- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत, एक बचत योजना शुरू की गई है जिसका नाम है सुकन्या समृद्धि योजना। यह एक खाता है जोकि छोटी बच्चियों के लिए खोला जाता है। यहाँ उनके माता – पिता या अभिभावक अपनी बेटियों के लिए पैसे की बचत करते हैं, जिसका उपयोग उनकी शिक्षा एवं शादी के लिए किया जाता है। इस खाते में कोई टैक्स की अवधि नहीं है। यह उनके परिवार की वित्तीय स्थिति को सुधारने में कुछ मदद करेगा।
  • बेहतर ब्याज दर :- इस योजना में खोले जाने वाले बचत खाते में ब्याज दर बेहतर दी जाएगी, जोकि अन्य चीजों में दी जाने वाली ब्याज दर से अधिक होगी।
  • पैसे की निकासी :– इस योजना के तहत बेटियों के माता – पिता उनके नाम से पैसा जमा कर सकते हैं, और इसे वे लड़की की 21 साल तक की उम्र तक जारी रख सकते हैं। जैसे ही लड़की की उम्र 29 वर्ष होगी, या यदि वह 18 से 29 साल तक की उम्र के बीच में शादी करने का फैसला लेती हैं तो यह फण्ड मैच्योर्ड हो जायेगा, और यह फण्ड स्वयं ही मेच्योरिटी स्टेज में पहुँच जायेगा, फिर केवल लड़की ही इस खाते से पैसे निकाल सकेंगी।
  • स्कूलों की फीस नहीं देनी होगी :- इसके तहत सरकारी स्कूलों में पढने वाली बच्चियों को किसी भी प्रकार से स्कूल फीस नहीं देनी होती है। इसके अलावा कुछ प्राइवेट स्कूलों में भी बच्चियों के लिए विशेष डिस्काउंट प्रदान किया जाता है।
  • योजना की देखरेख :– इस योजना की शुरुआत केन्द्रीय सरकार द्वारा की गई है। लेकिन इसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का भी संयुक्त रूप से समर्थन प्राप्त है, ताकि महिला भ्रूणहत्या जैसे गुनाह समाप्त हो और संतुलित एवं शिक्षित समाज को बढ़ावा दिया जा सके।

योजना के चरण

  • पहला चरण :- यह अभियान राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर आयोजित किया गया है। शुरुआत में इसे देश के चुने गए 100 जिलों में शुरू किया गया था।
  • दूसरा चरण :- इस योजना के दुसरे चरण में 11 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 61 और जिलों को इसमें शामिल किया गया है।
  • इस योजना का पैन इंडिया विस्तार :- इस योजना में प्रधानमंत्री जी ने इस साल के अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इसके पैन इंडिया विस्तार की घोषणा की है। अब इस योजना को पूरे देश के सभी 640 जिलों में लागू किया जाना है।

योजना के लिए पात्रता

  • भारतीय नागरिक :- इस योजना को भारत की केन्द्रीय सरकार द्वारा भारत की बेटियों के लिए शुरू किया गया है। इसलिए इसका लाभ भारत का कोई भी निवासी प्राप्त कर सकता है।
  • एनआरआई के लिए नहीं है :- भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार, इसमें कोई भी एनआरआई को शामिल नहीं किया जाता है। सुकन्या समृद्धि योजना को डाकघर बचत खाता नियम 1981 द्वारा नियंत्रित किया जाता है, इसलिए एनआरआई इस श्रेणी के अंतर्गत नहीं आ सकते हैं।
  • छोटी बच्चियों के लिए :- इस योजना को गरीब परिवार की 10 साल तक की छोटी बच्चियों के लिए लागू किया गया है। इसमें केवल वह परिवार ही शामिल हो सकता है जो गरीबी रेखा से नीचे हो और उनके घर में छोटी बच्चियां हो।
  • बैंक अकाउंट :- इस योजना में उम्मीदवारों का किसी भी बैंक में सुकन्या समृद्धि अकाउंट होना बहुत जरुरी है, इसके बिना वे इसका लाभ नहीं उठा सकती हैं।

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • आवासीय प्रमाण पत्र :- इस योजना का लाभ भारतीय नागरिकों को दिया जाना है। इसलिये प्रत्येक आवेदकों को उनका आवासीय प्रमाण देना आवश्यक है।
  • बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र :- इस योजना को 10 साल तक की छोटी बच्चियों के लिए शुरू किया गया है। इसके लिए उनका जन्म प्रमाण पत्र भी जमा करना आवश्यक है।
  • माता–पिता या अभिभावक की पहचान का प्रमाण :- योजना में कोई भी धोखाधड़ी न हो, इसके लिए प्रत्येक उम्मीदवारों के माता–पिता या अभिभावक को उनकी पहचान का प्रमाण देना जरुरी है।

योजना के लिए आवेदन

  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों के माता – पिता या अभिभावक को सबसे पहले सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अपनी बेटी के नाम से बैंक अकाउंट खोलवाने के लिए सहायक बैंक से संपर्क करना होता है।
  • सहायक बैंक अकाउंट में वे अकाउंट खोलने के लिए फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं, इसके बाद आपको फॉर्म में पूछी जाने वाली सभी जानकारी को सही – सही भरकर एवं सभी आवश्यक दस्तावेजों को इसमें अटैच कर इसे जमा करना होता है। और इस तरह से आपका अकाउंट खुल जाता है।
  • इस योजना के माध्यम से सरकार देश के समाज को विकसित करना चाहती है, ताकि अन्य देशों की तरह हमारा देश भी संतुलित एवं सम्पन्न हो। और यह योजना बेटियों की सुरक्षा एवं शिक्षा को बढ़ावा भी देती है, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।

सुकन्या समृद्धि योजनाबेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत दी जाने वाली यह सबसे महत्वपूर्ण योजना हैं।

  • क्या हैं सुकन्या समृद्धि खाता/ अकाउंटयह एक बैंक खाता हैं जो 10 वर्ष से कम उम्र की बेटियों के लिए शुरू किया गया हैं | सुकन्या समृद्धि खाता/ अकाउंट बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ योजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं जो कि कन्या के भविष्य को सुरक्षित करती हैं।
  • सुकन्या समृद्धि खाता/ अकाउंट की विशेष सुविधा यह हैं कि इस खाते पर 9.1/ वार्षिक चक्रवर्ती ब्याज दिया जायेगा। यह दर बढ़ाया भी जा सकता हैं।

मुख्य बिंदु :

  • सुकन्या समृध्दी खाते को खोलने के लिए इसमें 1000 रूपये की न्यूनतम राशि ली जाएगी जो कि खाते में ही जमा होंगे ।
  • प्रति वर्ष इसमें न्यूनतम 100 रुपये जमा करना अनिवार्य हैं अन्यथा इसे बंद कर दिया जायेगा। साथ ही अधिकतम 150000 प्रति वर्ष की राशि तय की गई हैं।
  • इस खाते के शुरू होने की तारीख से 14 वर्ष तक इसमें राशि जमा की जा सकती हैं । अतः 15 से 21 वर्ष तक इस खाते मे अन्य राशि जमा नहीं की जा सकती ।
  • लड़की की आयु 18 वर्ष हो जाने पर इस खाते से 50 प्रतिशत की राशि उसकी पढाई एवम शादी के लिए निकाली जा सकती हैं।
  • सुकन्या समृद्धी खाते की वयस्कता / परिपक्वता :सुकन्या समृद्धी खाते की उम्र उसे खोलने वाली तारीख से 21 वर्ष तय की गई हैं जिसे 14 वर्ष तक इस खाते में रूपये जमा करने की सुविधा दी गई हैं।
  • सुकन्या समृद्धी खाते का मुख्य लाभ :21 वर्ष की अवधि के बाद इस खाते से रुपये प्राप्त होंगे। अगर इस खाते में वार्षिक 12000/- रूपये जमा किये जाते है तब यह 607128/- होंगे और अगर 150000 रूपये डाले जाते हैं तब वे 72 लाख होंगे।
  • बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना बहुत बड़े स्तर पर लागू की गई हैं जिस तरह कोई नया ब्रांड लॉन्च किया जाता हैं उसी तरह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को लॉन्च किया गया।

कौन हैं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का ब्रांड एम्बेसडर

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की सफलता के लिए और इसके प्रति लोगो को जागरूक करने के लिए इस योजना का ब्रांड एम्बेसडर बॉलीवुड महा नायिका माधुरी दीक्षित को बनाया गया। साथ ही दिल को छू जाने वाले विज्ञापन भी बनाये गए जिसमे पुरुष प्रधान देश में नारियों की स्थिती का भाव विभोर वर्णन हैं।

असल मे मोदी जी का मानना हैं जब तक योजनाओं के प्रति जनता की जागरूकता नहीं होगी तब तक उस दिशा में सफलता पाना मुश्किल हैं। जब योजनाओं का बढ़ चढ़ कर बखान नहीं होगा यह घर घर का मुद्दा नहीं बन सकती। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में देश का सहयोग दे एवं कन्या भ्रूणहत्या जैसे अपराध से बचे एवम आस पडौस में होने भी ना दे।

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