उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री पेंशन योजना : Uttar Pradesh Mukhyamantri Pension Yojana

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उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए “समाजवादी पेंशन योजना ” शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के निचले तबके के गरीब लोगों को आर्थिक सहायता के रूप में पेंशन प्रदान करना है। समाज के सभी वर्गों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सही प्रतिनिधित्व देते हुए पदेश के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र के ऐसे गरीब परिवार, जिनके पास आय के उपयुक्त साधन नहीं है, के जीवन यापन, आर्थिक एवं सामाजिक उन्नयन हेतु आर्थिक सहायता दिए जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा समाजवादी पेंशन योजना का शुभारम्भ किया गया था।

समाजवादी पेंशन योजना वित्तीय वर्ष 2014-15 में अखिलेश सरकार द्वारा शुरू की गयी थी, जिसको आगे माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में जारी रखा गया है। परन्तु अब इस योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री पेंशन योजना रख दिया है। सभी लाभार्थी जिन्हें समाजवादी पेंशन योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता मिल रही थी उनको हर महीने पेंशन पहले की तरह मिलती रहेगी।

उत्तर प्रदेश समाजवादी पेंशन योजना क्या है और इसके लिए आवेदन कैसे करे?

समाजवादी/मुख्यमंत्री पेंशन योजना के माध्यम से राज्य के चिन्हित गरीब परिवारों को आर्थिक और सामाजिक उन्नयन हेतु यह योजना प्रारम्भ की गयी थी। इस योजना के अंतर्गत, लाभान्वित किये जा रहे प्रत्येक परिवार के मुखिया को नियमित रूप से निर्धारित मासिक आर्थिक सहायता प्रदान कराई जाएगी। परन्तु लाभान्वित किए जा रहे परिवार के मुखिया को भी शिक्षा, साक्षरता एवं स्वास्थ्य से सम्बंधित शर्तो को स्वीकार करना होगा, जो निम्नवत है।

  • यदि लाभान्वित परिवार में 6 से 14 आयु वर्ग के बालक-बालिका हो तो, उन्हें अनिवार्य रूप से विद्यालय में नामांकित करना होगा।
  • लाभान्वित परिवार के स्कूल में पढ़ रहे बच्चो की स्कूल में नियमित उपस्थिति आवश्यक है, जो 70% से काम नहीं होनी चाहिए।
  • पेंशन प्राप्त होने के पश्चात लाभान्वित परिवार में 15 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक सदस्य, जो साक्षर नहीं है, को साक्षर होने के लिए साक्षरता अभियान के कार्यक्रम में सम्मलित होना अनिवार्य है।
  • लाभान्वित परिवार के 5 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चो का नियमित टीकाकरण करवाया जाना आवश्यक है।
  • लाभान्वित परिवार में गर्भवती महिला का संस्थागत प्रसव करना आवश्यक है।

उत्तर प्रदेश समाजवादी पेंशन योजना- लक्ष्य निर्धारण :

“समाजवादी/मुख्यमंत्री पेंशन योजना” के अंतर्गत प्रदेश स्तर पर कुल 40 लाख परिवारों को लाभान्वित कराये जाने का लक्ष्य निर्धारण किया गया है। प्रत्येक चयनित परिवार के मुखिया को योजना के अंतर्गत लाभार्थी चयनित किया जाएगा। प्रदेश की कुल जनसंख्या में निम्नलिखित वर्गों की जनसंख्या एवं उक्त वर्ग में व्याप्त गरीबो को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश स्तर पर वर्गवार निम्नवत संख्या में लाभार्थी सम्मिलित किये जाएगे।

अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थी 30% 12 लाख
अल्पसंख्यक वर्ग के लाभार्थी 25% 10 लाख
अन्य पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के लाभार्थी 45% 18 लाख

उत्तर प्रदेश समाजवादी पेंशन- योजना के अंतर्गत देय धनराशि :

समाजवादी/मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत चयनित परिवार के मुखिया को प्रथम वर्ष में 500 रुपये प्रतिमाह ई-पेमेंट के माध्यम से होगी। उल्लेखित सभी शर्तो का पालन करने के पश्चात अगले वर्ष अतिरिक्त 50 रुपये की धनराशि बढ़कर पेंशन 550 रुपये होगी। इसी प्रकार पांच वर्षो तक प्रत्येक वर्ष मासिक पेंशन की राशि में 50 रुपये की वृद्धि होगी। समाजवादी पेंशन योजना के अंतर्गत लाभान्वित परिवार के मुखिया को देय अधिकतक धनराशि 750 रुपये प्रतिमाह होगी।

यूपी मुख्यमंत्री पेंशन योजना पंजीकरण और चयन प्रक्रिया :

  • समाजवादी/मुख्यमंत्री पेंशन योजना में शामिल होने के इच्छुक गरीब परिवार के मुखिया से ग्राम पंचयत स्तर पर “आवेदन पत्र” आमंत्रित किये जाएगे। आवेदन-पत्र परिवार के मुखिया द्वारा ही भरा जाएगा। आवेदन फॉर्म निःशुल्क ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान/ग्राम पंचायत सचिव, विकास खण्ड कार्यालय तथा तहसील कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।
  • सभी तरह से पूर्ण आवेदन पत्र ग्राम पंचायत कार्यालय में शासन द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि तक जमा हो सकेंगे। ग्राम पंचायत सचिव प्राप्त आवेदन पत्र की आवेदक को पावती देने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लेंगे की आवेदन पत्र के सभी कॉलम भरे हुए हैं, आवश्यक प्रमाण पत्र संलग्नं हैं, आवेदक की फोटो चस्पा है, उसके स्वयं का हस्ताक्षर/अंगूठे निशान आवेदन-पत्र तथा उसके साथ संलग्नं प्रमाण-पत्रों पर बना हुआ है।
  • निर्धारित तिथि तक प्राप्त आवेदन-पत्रों की जांच व स्थलीय सत्यापन का कार्य ग्राम पंचायत सचिव अथवा जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित अन्य अधिकारी द्वारा 30 दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
  • उसके बाद खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत के चयनित लाभार्थियों के कम-से-कम 5% चयनित लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन स्वयं अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी के माध्यम से करने व संतुष्ट होने के बाद ही ग्राम पंचायत के द्वारा चयनित लाभार्थियों की सूची को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया जाएगा।
  • खण्ड विकास अधिकारी द्वारा प्रेषित लाभार्थियों की सूची का जनपद स्तरीय समिति से अनुमोदन के पूर्व जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारियो के माध्यम से कम-से-कम 2% लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन/जांच कराया जायेगा।
  • अंतिम रूप से चयनित लाभार्थियों को समाजवादी पेंशन योजना के सदस्य होने का “कार्ड ” वितरित किये जायेगा। लाभार्थियों के चयन से सम्बंधित विस्तृत दिशा-निर्देश/आवेदन पत्र का प्रारूप अलग से निर्गत किये जायेंगे।
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